हैसियत प्रबंधन प्रणाली

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा शासनादेश संख्या 6738/ 23-7-06-176 (सा0) दिनांक 05/01/2007 द्वारा हैसियत प्रमाण पत्र जारी किए जाने हेतु निर्देश दिए गए हैं| हैसियत प्रमाण पत्र जारी होने के पश्चात अगर किसी व्यक्ति, फर्म अथवा संस्था द्वारा कोई सरकारी ठेके का कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है तो व्यक्ति, फर्म अथवा संस्था द्वारा हैसियत प्रमाण पत्र में उल्लिखित हैसियत के अनुसार वसूली की जा सके। यह प्रमाण-पत्र सामान्यतः दो वर्ष के लिए मान्य होगा, यदि इससे पूर्व कोई महत्वपूर्ण विक्रय आदि होता है अथवा सम्पत्ति में परिवर्तन होता है या कमी आती है तो सम्बन्धित व्यक्ति का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह इसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट तथा सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को देगा और उसी के क्रम में संशोधित प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

सन्दर्भों की स्थिति - एक नजर में

4

कुल आवेदन

0

निर्गत प्रमाण पत्र

3

कुल लंबित

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